बिजनेस फाइनेंस प्लानिंग कैसे करें:-
एक गांव में अखिलेश नाम का एक व्यक्ति रहता था। उसे अपने गांव में एक कपडे की दुकान खोलनी थी, लेकिन उसके पास सीमित पैसा था। उसने सोचा कि बिना सही योजना के व्यवसाय शुरू करना मुश्किल होगा। तो उसने वित्तीय योजना बनाने का फैसला किया।
1. लक्ष्य तय करना
अखिलेश ने सबसे पहले अपने लक्ष्य तय किए। उसने लिखा:
दुकान खोलने के लिए ₹,500,000 की आवश्यकता है।
हर महीने ₹60,0000 का मुनाफा कमाना है।
अगले 2 साल में दुकान को बढ़ाना है।
2. बजट बनाना
अखिलेश ने अपनी जरूरतों के हिसाब से बजट तैयार किया: दुकान का सामान खरीदने के लिए 200000
दुकान का किराया और सजावट के लिए ₹30,000।
मार्केटिंग और इमरजेंसी के लिए ₹20,000।
3. फंड की व्यवस्था
अखिलेश के पास ₹50,000 बचत थी, लेकिन बाकी के पैसे के लिए उसने बैंक से लोन लिया। उसने एक बिजनेस प्लान बनाया और बैंक को दिखाया। बैंक ने ₹50,000 का लोन 10% ब्याज पर मंजूर कर दिया।
4. खर्च और आमदनी का अनुमान लगाया कि:
हर महीने बिक्री से ₹1,00,000 आएंगे।
सामान खरीदने, किराया, और अन्य खर्चों में ₹80,000 जाएंगे।
हर महीने ₹20,000 बचेंगे।
5. आपातकालीन फंड तैयार करना
अखिलेश ने फैसला किया कि मुनाफे का 10% हर महीने आपातकालीन फंड में डालेगा। इससे वह किसी भी अनजान स्थिति के लिए तैयार रहेगा।
6. नियमित समीक्षा करना
ने हर महीने अपनी बिक्री और खर्चों का हिसाब किया। अगर कहीं ज्यादा खर्च होता, तो वह तुरंत समाधान निकालता।
नतीजा:
एक साल बाद अखिलेश की दुकान खूब चलने लगी। उसने अपना कर्ज समय पर चुका दिया और दूसरा दुकान खोलने की योजना बना ली
बिजनेस फाइनेंस प्लानिंग से समझ:-
1. स्पष्ट लक्ष्य: बिना लक्ष्य के वित्तीय योजना अधूरी है।
2. बजट बनाएं: सीमित संसाधनों का सही उपयोग करें।
3. फंडिंग का स्रोत: अपने व्यवसाय के लिए फंड जुटाने के विकल्प सोचें।
4. आपातकालीन फंड: हमेशा कुछ पैसा बचाकर रखें।
5. नियमित समीक्षा: वित्तीय स्थिति का समय-समय पर मूल्यांकन करें।
अखिलेश की तरह, अगर आप भी सही तरीके से वित्तीय योजना बनाएंगे, तो आपका व्यवसाय सफल हो सकता है